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Sri Dasam Granth Sahib

       


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ਬਿਬਧ ਰੂਪ ਸੋਭੈ ॥ ਆਨਕ ਲੋਗ ਲੋਭੈ ॥ ਅਮਿਤ ਤੇਜ ਤਾਹਿ ॥ ਨਿਗਮ ਗਨਤ ਜਾਹਿ ॥੫੭੯॥

Bibadha Roop Sobhai ॥ Aanaka Loga Lobhai ॥ Amita Teja Taahi ॥ Nigama Ganata Jaahi ॥579॥

बिबध रूप सोभै ॥ आनक लोग लोभै ॥ अमित तेज ताहि ॥ निगम गनत जाहि ॥५७९॥

Many people got allured by his various beautiful forms; in the language of the Vedas, his Glory was infinite.579.

166761 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੨ ਪੰ. ੧


ਅਨਿਕ ਭੇਖ ਤਾਂ ਕੇ ॥ ਬਿਬਧ ਰੂਪ ਵਾਂਕੇ ॥ ਅਨੂਪ ਰੂਪ ਰਾਜੇ ॥ ਬਿਲੋਕ ਪਾਪ ਭਾਜੇ ॥੫੮੦॥

Anika Bhekha Taa Ke ॥ Bibadha Roop Vaake ॥ Anoop Roop Raaje ॥ Biloka Paapa Bhaaje ॥580॥

अनिक भेख तां के ॥ बिबध रूप वांके ॥ अनूप रूप राजे ॥ बिलोक पाप भाजे ॥५८०॥

Seeing his many garbs, charms and glories, the sings fled away.580.

166772 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੨ ਪੰ. ੨


ਬਿਸੇਖ ਪ੍ਰਬਲ ਜੇ ਹੁਤੇ ॥ ਅਨੂਪ ਰੂਪ ਸੰਜੁਤੇ ॥ ਅਮਿਤ ਅਰਿ ਘਾਵਹੀਂ ॥ ਜਗਤ ਜਸੁ ਪਾਵਹੀਂ ॥੫੮੧॥

Bisekha Parabala Je Hute ॥ Anoop Roop Saanjute ॥ Amita Ari Ghaavheeaaʼn ॥ Jagata Jasu Paavheeaaʼn ॥581॥

बिसेख प्रबल जे हुते ॥ अनूप रूप संजुते ॥ अमित अरि घावहीं ॥ जगत जसु पावहीं ॥५८१॥

Those who were special powerful people composed of various forms, the Lord killed these innumerable enemies and obtained approbation in the world.581.

166783 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੨ ਪੰ. ੩


ਅਖੰਡ ਬਾਹੁ ਹੈ ਬਲੀ ॥ ਸੁਭੰਤ ਜੋਤ ਨਿਰਮਲੀ ॥ ਸੁ ਹੋਮ ਜੱਗ ਕੋ ਕਰੈਂ ॥ ਪਰਮ ਪਾਪ ਕੋ ਹਰੈਂ ॥੫੮੨॥

Akhaanda Baahu Hai Balee ॥ Subhaanta Jota Niramlee ॥ Su Homa Jagga Ko Karaiaaʼn ॥ Param Paapa Ko Haraiaaʼn ॥582॥

अखंड बाहु है बली ॥ सुभंत जोत निरमली ॥ सु होम जग को करैं ॥ परम पाप को हरैं ॥५८२॥

The Lord is most powerful with indestructible arms and his pure light looks splendid; he is removing the sins by performing the hom-yajna.582.

166794 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੨ ਪੰ. ੪


ਤੋਮਰ ਛੰਦ ॥

Tomara Chhand ॥

तोमर छंद ॥

TOMAR STANZA

166805 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੨ ਪੰ. ੫


ਜਗ ਜੀਤਿਓ ਜਬ ਸਰਬ ॥ ਤਬ ਬਾਢਿਓ ਅਤਿ ਗਰਬ ॥ ਦਿਯ ਕਾਲ ਪੁਰਖ ਬਿਸਾਰ ॥ ਇਹ ਭਾਂਤ ਕੀਨ ਬਿਚਾਰ ॥੫੮੩॥

Jaga Jeetiaoa Jaba Sarab ॥ Taba Baadhiaoa At(i) Garaba ॥ Diya Kaal Purakha Bisaar ॥ Eiha Bhaata Keena Bichaar ॥583॥

जग जीतिओ जब सरब ॥ तब बाढिओ अति गरब ॥ दिय काल पुरख बिसार ॥ इह भांत कीन बिचार ॥५८३॥

When he conquered the whole world, his pride was extremely increased; he also forgot the unmanifested Brahmin and said this;583.

166816 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੨ ਪੰ. ੬


ਬਿਨ ਮੋਹਿ ਦੂਸ੍ਰ ਨ ਔਰ ॥ ਅਸ ਮਾਨਿਯੋ ਸਭ ਠਉਰ ॥ ਜਗੁ ਜੀਤ ਕੀਨ ਗੁਲਾਮ ॥ ਆਪਨ ਜਪਾਯੋ ਨਾਮ ॥੫੮੪॥

Bina Mohi Doosara Na Aoura ॥ Asa Maaniyo Sabha Tthaura ॥ Jagu Jeeta Keena Gulaam ॥ Aapana Japaayo Naam ॥584॥

बिन मोहि दूस्र न और ॥ अस मानियो सभ ठउर ॥ जगु जीत कीन गुलाम ॥ आपन जपायो नाम ॥५८४॥

“There is no second except me and the same is accepted at all the place; I have conquered the whole world and made it my slave and have caused everyone to repeat my name.584.

166827 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੨ ਪੰ. ੭


ਜਗ ਐਸ ਰੀਤ ਚਲਾਇ ॥ ਸਿਰ ਅਤ੍ਰ ਪਤ੍ਰ ਫਿਰਾਇ ॥ ਸਭ ਲੋਗ ਆਪਨ ਮਾਨ ॥ ਤਰ ਆਂਖ ਅਉਰ ਨ ਆਨ ॥੫੮੫॥

Jaga Aaisa Reeta Chalaaei ॥ Sira Atara Patara Phiraaei ॥ Sabha Loga Aapana Maana ॥ Tara Aaaaʼnkha Aaura Na Aana ॥585॥

जग ऐस रीत चलाइ ॥ सिर अत्र पत्र फिराइ ॥ सभ लोग आपन मान ॥ तर आंख अउर न आन ॥५८५॥

I have given life again to the traditional and have swung the canopy over my head; all the people consider me as their own and none other comes to their sight.585.

166838 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੨ ਪੰ. ੮


ਨਹਿ ਕਾਲ ਪੁਰਖ ਜਪੰਤ ॥ ਨਹਿ ਦੇਵ ਜਾਪ ਭਣੰਤ ॥ ਤਬ ਕਾਲ ਦੇਵ ਰਿਸਾਇ ॥ ਇਕ ਅਉਰ ਪੁਰਖ ਬਨਾਇ ॥੫੮੬॥

Nahi Kaal Purakha Japaanta ॥ Nahi Deva Jaapa Bhanaanta ॥ Taba Kaal Deva Risaaei ॥ Eika Aaura Purakha Banaaei ॥586॥

नहि काल पुरख जपंत ॥ नहि देव जाप भणंत ॥ तब काल देव रिसाइ ॥ इक अउर पुरख बनाइ ॥५८६॥

No one the repeats the name of the Lord-God or the name of any other God goddess;” seeing this the Unamanifested Brahma created another purusha.586.

166849 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੨ ਪੰ. ੯


ਰੱਚਿ ਅਸ ਮਹਿਦੀ ਮੀਰ ॥ ਰਿਸਵੰਤ ਹਾਠ ਹਮੀਰ ॥ ਤਿਹ ਤਉਨ ਕੋ ਬਧੁ ਕੀਨ ॥ ਪੁਨ ਆਪ ਮੋ ਕਿਯ ਲੀਨ ॥੫੮੭॥

Rachchi Asa Mahidee Meera ॥ Risavaanta Haattha Hameera ॥ Tiha Tauna Ko Badhu Keena ॥ Puna Aapa Mo Kiya Leena ॥587॥

रचि अस महिदी मीर ॥ रिसवंत हाठ हमीर ॥ तिह तउन को बधु कीन ॥ पुन आप मो किय लीन ॥५८७॥

Mehdi Mir was created, who was very angry and persistent one; he killed the Kalki incarnation within himself again.587.

1668510 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੨ ਪੰ. ੧੦


ਜਗ ਜੀਤ ਆਪਨ ਕੀਨ ॥ ਸਭ ਅੰਤ ਕਾਲ ਅਧੀਨ ॥ ਇਹ ਭਾਂਤ ਪੂਰ ਸੁਧਾਰ ॥ ਭਏ ਚੌਬਿਸੇ ਅਵਤਾਰ ॥੫੮੮॥

Jaga Jeeta Aapana Keena ॥ Sabha Aanta Kaal Adheena ॥ Eiha Bhaata Poora Sudhaar ॥ Bhaee Choubise Avataar ॥588॥

जग जीत आपन कीन ॥ सभ अंत काल अधीन ॥ इह भांत पूर सुधार ॥ भए चौबिसे अवतार ॥५८८॥

Those who conquered, the made it there possession they are all under the control of KAL (death) in the end; in this way, with complete improvement the description of twenty-fourth incarnation is completed.588.

1668611 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੨ ਪੰ. ੧੧


ਇਤਿ ਸ੍ਰੀ ਬਚਿਤ੍ਰ ਨਾਟਕ ਗ੍ਰੰਥੇ ਚਤੁਰ ਬੀਸਵਾਂ ਅਵਤਾਰ ਬਰਨਨੰ ਸਮਾਪਤਮ ॥੨੪॥

Eiti Sree Bachitara Naattaka Garaanthe Chatura Beesavaa Avataar Barananaan Samaapatama ॥24॥

इति स्री बचित्र नाटक ग्रंथे चतुर बीसवां अवतार बरननं समापतम ॥२४॥

End of the description of twenty-fourth incarnation in Bachittar natak.

1668712 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੨ ਪੰ. ੧੨


ਭਾਗ

Bhaag

भाग

SECTION

1668813 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੨ ਪੰ. ੧੩


XXX

Yayaya

XXX

(Now being the description of the killing of Mehdi Mir)

1668914 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੨ ਪੰ. ੧੪


       


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