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Sri Dasam Granth Sahib

       


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ੴ ਸਤਿਗੁਰ ਪ੍ਰਸਾਦਿ ॥

Ik Oankaar Sat(i)gura Prasaadh ॥

ੴ सतिगुर प्रसादि ॥

Grace of the true Guru

167041 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੪ ਪੰ. ੧


ਅਥ ਬ੍ਰਹਮਾ ਅਵਤਾਰ ਕਥਨੰ ॥

Ath Barahamaa Avataar Kathnaan ॥

अथ ब्रहमा अवतार कथनं ॥

Now being the description of Brahma Incarnation

167052 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੪ ਪੰ. ੨


ਤੋਮਰ ਛੰਦ ॥

Tomara Chhand ॥

तोमर छंद ॥

TOMAR STANZA

167063 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੪ ਪੰ. ੩


ਸਤਿਜੁਗ ਫਿਰ ਉਪਰਾਜ ॥ ਸਭ ਨਉਤਨੇ ਕਰ ਸਾਜ ॥ ਸਭ ਦੇਸ ਅਉਰ ਬਿਦੇਸ਼ ॥ ਉਠ ਧਰਮ ਲਾਗ ਨਰੇਸ਼ ॥੧॥

Sat(i)juga Phira Auparaaja ॥ Sabha Nautane Kara Saaja ॥ Sabha Desa Aaura Bidesha ॥ Auttha Dharam Laag Naresha ॥1॥

सतिजुग फिर उपराज ॥ सभ नउतने कर साज ॥ सभ देस अउर बिदेश ॥ उठ धरम लाग नरेश ॥१॥

The age the truth was established again and all the new creation appeared; the kings of all the countries because religious.1.

167074 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੪ ਪੰ. ੪


ਕਲਿ ਕਾਲ ਕੋਪ ਕਰਾਲ ॥ ਜਗੁ ਜਾਰਿਆ ਤਿਹ ਜ੍ਵਾਲ ॥ ਬਿਨ ਤਾਸ ਔਰ ਨ ਕੋਇ ॥ ਸਭ ਜਾਪ ਜਾਪੋ ਸੋਇ ॥੨॥

Kali Kaal Kop Karaal ॥ Jagu Jaariaa Tiha Javaal ॥ Bina Taas Aoura Na Koei ॥ Sabha Jaapa Jaapo Soei ॥2॥

कलि काल कोप कराल ॥ जगु जारिआ तिह ज्वाल ॥ बिन तास और न कोइ ॥ सभ जाप जापो सोइ ॥२॥

O the Lord of breadful fury ! there is none else except thee, who created the Iron Age and its fires burning the word; everyone should repeat His Name.2.

167085 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੪ ਪੰ. ੫


ਜੇ ਜਾਪ ਹੈ ਕਲਿ ਨਾਮ ॥ ਤਿਸ ਪੂਰਨ ਹੋਇ ਹੈ ਕਾਮ ॥ ਤਿਸ ਦੂਖ ਭੂਖ ਨ ਪਯਾਸ ॥ ਨਿਤ ਹਰਥ ਕਹੂੰ ਨ ਉਦਾਸ ॥੩॥

Je Jaapa Hai Kali Naam ॥ Tisa Poorana Hoei Hai Kaam ॥ Tisa Dookha Bhookha Na Payaas ॥ Nita Harath Kahooan Na Audaas ॥3॥

जे जाप है कलि नाम ॥ तिस पूरन होइ है काम ॥ तिस दूख भूख न पयास ॥ नित हरथ कहूं न उदास ॥३॥

Those who will remember the Name of the Lord in the Iron Age, all their tasks will be fulfilled; they will never experience suffering, hunger and anxiety and will always remain happy.3.

167096 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੪ ਪੰ. ੬


ਬਿਨ ਏਕ ਦੂਸਰ ਨਾਹਿ ॥ ਸਭ ਰੰਗ ਰੂਪਨ ਮਾਹਿ ॥ ਜਿਹ ਜਾਪਿਆ ਤਿਹ ਜਾਪ ॥ ਤਿਨ ਕੇ ਸਹਾਈ ਆਪ ॥੪॥

Bina Eeka Doosara Naahi ॥ Sabha Rang Roopna Maahi ॥ Jiha Jaapiaa Tiha Jaapa ॥ Tina Ke Sahaaeala Aapa ॥4॥

बिन एक दूसर नाहि ॥ सभ रंग रूपन माहि ॥ जिह जापिआ तिह जाप ॥ तिन के सहाई आप ॥४॥

There is none else except the One Lord pervanding all the colours and forms; He helps those who repeat His Name.4.

167107 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੪ ਪੰ. ੭


ਜੇ ਤਾਸ ਨਾਮ ਜਪੰਤ ॥ ਕਬਹੂੰ ਨ ਭਾਜ ਚਲੰਤ ॥ ਨਹਿ ਤ੍ਰਾਸ ਤਾਕੋ ਸ਼ੱਤ੍ਰ ॥ ਦਿਸ ਜੀਤ ਹੈ ਗਹਿ ਅਤ੍ਰ ॥੫॥

Je Taas Naam Japaanta ॥ Kabahooan Na Bhaaja Chalaanta ॥ Nahi Taraas Taako Shattara ॥ Disa Jeeta Hai Gahi Atara ॥5॥

जे तास नाम जपंत ॥ कबहूं न भाज चलंत ॥ नहि त्रास ताको शत्र ॥ दिस जीत है गहि अत्र ॥५॥

Those who remember His Name, never run away; they do not fear the enemies and wearing their arms and weapons, they conquer all the direction.5.

167118 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੪ ਪੰ. ੮


ਤਿਹ ਭਰੇ ਧਨ ਸੋ ਧਾਮ ॥ ਸਭ ਹੋਹ ਪੂਰਨ ਕਾਮ ॥ ਜੇ ਏਕ ਨਾਮ ਰਟੰਤ ॥ ਤੇ ਨ ਕਾਲ ਫਾਸ ਫਸੰਤ ॥੬॥

Tiha Bhare Dhana So Dhaam ॥ Sabha Hoha Poorana Kaam ॥ Je Eeka Naam Rattaanta ॥ Te Na Kaal Phaas Phasaanta ॥6॥

तिह भरे धन सो धाम ॥ सभ होह पूरन काम ॥ जे एक नाम रटंत ॥ ते न काल फास फसंत ॥६॥

Their houses are filled with wealth and all their tasks are fulfilled; those who remember the Name of one Lord, they are not entrapped in the noose of death.6.

167129 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੪ ਪੰ. ੯


ਜੇ ਜੀਵ ਜੰਤ ਅਨੇਕ ॥ ਤਿਹ ਮੋ ਰਹੇ ਰਮ ਏਕ ॥ ਬਿਨ ਏਕ ਦੂਸਰ ਨਾਹਿ ॥ ਜਗ ਜਾਨ ਲੈ ਜੀਅ ਮਾਹਿ ॥੭॥

Je Jeeva Jaanta Aneka ॥ Tiha Mo Rahe Ram Eeka ॥ Bina Eeka Doosara Naahi ॥ Jaga Jaana Lai Jeea Maahi ॥7॥

जे जीव जंत अनेक ॥ तिह मो रहे रम एक ॥ बिन एक दूसर नाहि ॥ जग जान लै जीअ माहि ॥७॥

That One Lord is pervading all the created beings and the whole world should know that there is none else except Him.7.

1671310 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੪ ਪੰ. ੧੦


ਭਵ ਗੜਨ ਭੰਜਨ ਹਾਰ ॥ ਹੈ ਏਕ ਹੀ ਕਰਤਾਰ ॥ ਬਿਨ ਏਕ ਅਉਰ ਨ ਕੋਇ ॥ ਸਭ ਰੂਪ ਰੰਗੀ ਸੋਇ ॥੮॥

Bhava Garhana Bhaanjana Haar ॥ Hai Eeka Hee Karataar ॥ Bina Eeka Aaura Na Koei ॥ Sabha Roop Raangee Soei ॥8॥

भव गड़न भंजन हार ॥ है एक ही करतार ॥ बिन एक अउर न कोइ ॥ सभ रूप रंगी सोइ ॥८॥

The One Lord is the creator as well as the Destroyer of the whole world and there is one other in all the colours and forms.8.

1671411 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੪ ਪੰ. ੧੧


ਕਈ ਇੰਦ੍ਰ ਪਾਨ ਪਹਾਰ ॥ ਕਈ ਬ੍ਰਹਮ ਬੇਦ ਉਚਾਰ ॥ ਕਈ ਬੈਠ ਦੁਆਰ ਮਹੇਸ਼ ॥ ਕਈ ਸ਼ੇਸ਼ਨਾਗ ਅਸੇਸ ॥੯॥

Kaeala Eiandara Paana Pahaar ॥ Kaeala Barahama Beda Auchaar ॥ Kaeala Baittha Duaar Mahesha ॥ Kaeala Sheshanaag Asesa ॥9॥

कई इंद्र पान पहार ॥ कई ब्रहम बेद उचार ॥ कई बैठ दुआर महेश ॥ कई शेशनाग असेस ॥९॥

Many indras are in His service, many Brahmas recite the Vedas, many Shivas sit at His Gate and many Sheshnagas remain present in order to become His bed.9.

1671512 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੪ ਪੰ. ੧੨


ਕਈ ਸੂਰ ਚੰਦ ਸਰੂਪ ॥ ਕਈ ਇੰਦ੍ਰ ਕੀ ਸਮ ਭੂਪ ॥ ਕਈ ਇੰਦ੍ਰ ਉਪਿੰਦ੍ਰ ਮੁਨਿੰਦ੍ਰ ॥ ਕਈ ਮੱਛ ਕੱਛ ਫਨਿੰਦ੍ਰ ॥੧੦॥

Kaeala Soora Chaanda Saroop ॥ Kaeala Eiandara Kee Sama Bhoop ॥ Kaeala Eiandara Aupiandara Muniandara ॥ Kaeala Machchha Kachchha Phaniandara ॥10॥

कई सूर चंद सरूप ॥ कई इंद्र की सम भूप ॥ कई इंद्र उपिंद्र मुनिंद्र ॥ कई मछ कछ फनिंद्र ॥१०॥

Many kings like Surya, Chandra and Indra and many Indras, upendras, great sages, the Fish incarnation, the Tortoise incarnation and sheshnagas remain ever present before Him.10.

1671613 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੪ ਪੰ. ੧੩


ਕਈ ਕੋਟ ਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਅਵਤਾਰ ॥ ਕਈ ਰਾਮ ਬਾਰ ਬੁਹਾਰ ॥ ਕਈ ਮੱਛ ਕੱਛ ਅਨੇਕ ॥ ਅਵਲੋਕ ਦੁਆਰ ਬਿਸੇਖ ॥੧੧॥

Kaeala Kotta Karishana Avataar ॥ Kaeala Raam Baar Buhaar ॥ Kaeala Machchha Kachchha Aneka ॥ Avaloka Duaar Bisekha ॥11॥

कई कोट क्रिशन अवतार ॥ कई राम बार बुहार ॥ कई मछ कछ अनेक ॥ अवलोक दुआर बिसेख ॥११॥

Many Krishna and Rama incarnation sweep His Door many Fish and Tortoise incarnations are seen standing at His special gate.11.

1671714 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੧੯੪ ਪੰ. ੧੪


       


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