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Sri Dasam Granth Sahib

       


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ਪੁਨ ਸ੍ਰੀ ਪ੍ਰਿਥਰਾਜ ਪ੍ਰਿਥੀਸ ਭਯੋ ॥ ਜਿਨ ਬਿੱਪਨ ਦਾਨ ਦੁਰੰਤ ਦਯੋ ॥੨੩॥

Puna Sree Paritharaaja Paritheesa Bhayo ॥ Jina Bi`pana Daana Duraanta Dayo ॥23॥

पुन स्री प्रिथराज प्रिथीस भयो ॥ जिन बिपन दान दुरंत दयो ॥२३॥

Then there was Prithu, the Lord of the earth, who donated enormous gifts to the Brahmins.23.

168161 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੦੨ ਪੰ. ੧


ਦਲੁ ਲੈ ਦਿਨ ਏਕ ਸ਼ਿਕਾਰ ਚੜੇ ॥ ਬਨਿ ਨਿਰਜਨ ਮੋ ਲਖਿ ਬਾਘ ਬੜੇ ॥

Dalu Lai Dina Eeka Shikaar Charhe ॥ Bani Nirajana Mo Lakhi Baagha Barhe ॥

दलु लै दिन एक शिकार चड़े ॥ बनि निरजन मो लखि बाघ बड़े ॥

One day, in a desolate forest, seeing huge lions, he went hunting, along with his army, in order to attack them;

168172 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੦੨ ਪੰ. ੨


ਤਹ ਨਾਰ ਸੁਕੁੰਤਲ ਤੇਜ ਧਰੇ ॥ ਸਸਿ ਸੂਰਜ ਕੀ ਲਖਿ ਕ੍ਰਾਂਤ ਹਰੇ ॥੨੪॥

Taha Naar Sukuantala Teja Dhare ॥ Sasi Sooraja Kee Lakhi Karaata Hare ॥24॥

तह नार सुकुंतल तेज धरे ॥ ससि सूरज की लखि क्रांत हरे ॥२४॥

There a women named Shakuntala, whose light bedimmed even the luster of the sun.24.

168183 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੦੨ ਪੰ. ੩


ਹਰਿ ਬੋਲਮਨਾ ਛੰਦ ॥

Hari Bolamanaa Chhand ॥

हरि बोलमना छंद ॥

HARIBOLMANA STANZA

168194 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੦੨ ਪੰ. ੪


ਤਹ ਜਾਤ ਭਏ ॥ ਮ੍ਰਿਗ ਘਾਤ ਕਏ ॥ ਇਕ ਦੇਖ ਕੁਟੀ ॥ ਜਨੁ ਜੋਗ ਜੁਟੀ ॥੨੫॥

Taha Jaata Bhaee ॥ Mariga Ghaata Kaee ॥ Eika Dekha Kuttee ॥ Janu Joga Juttee ॥25॥

तह जात भए ॥ म्रिग घात कए ॥ इक देख कुटी ॥ जनु जोग जुटी ॥२५॥

After killing a deer and seeing a desolate cottage, the king reached there.25.

168205 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੦੨ ਪੰ. ੫


ਤਹ ਜਾਤ ਭਯੋ ॥ ਸੰਗ ਕੋ ਨ ਲਯੋ ॥ ਲਖਿ ਨਾਰ ਖਰੀ ॥ ਰਸ ਰੀਤ ਭਰੀ ॥੨੬॥

Taha Jaata Bhayo ॥ Sang Ko Na Layo ॥ Lakhi Naar Kharee ॥ Rasa Reeta Bharee ॥26॥

तह जात भयो ॥ संग को न लयो ॥ लखि नार खरी ॥ रस रीत भरी ॥२६॥

He went there and there was none with him; he saw a very charming woman there.26.

168216 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੦੨ ਪੰ. ੬


ਅਤਿ ਸੋਭਤ ਹੈ ॥ ਲਖਿ ਲੋਭਤ ਹੈ ॥ ਨ੍ਰਿਪ ਪੇਖੀ ਜਬੈ ॥ ਚਿਤ ਚਉਕ ਤਬੈ ॥੨੭॥

At(i) Sobhata Hai ॥ Lakhi Lobhata Hai ॥ Naripa Pekhee Jabai ॥ Chita Chauka Tabai ॥27॥

अति सोभत है ॥ लखि लोभत है ॥ न्रिप पेखी जबै ॥ चित चउक तबै ॥२७॥

Her glory coveted his mind, when the king saw her, his mind was startled.27.

168227 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੦੨ ਪੰ. ੭


ਇਹ ਕਉਨ ਜਈ ॥ ਜਨ ਰੂਪ ਮਈ ॥ ਛਬ ਦੇਖ ਛਕਯੋ ॥ ਚਿਤ ਚਾਇ ਚਕਯੋ ॥੨੮॥

Eiha Kauna Jaeala ॥ Jana Roop Maeala ॥ Chhaba Dekha Chhakayo ॥ Chita Chaaei Chakayo ॥28॥

इह कउन जई ॥ जन रूप मई ॥ छब देख छकयो ॥ चित चाइ चकयो ॥२८॥

The king though as to whose daughter that beautiful woman was; seeing here beauty the king saw allured and his mind fell in love with her.28.

168238 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੦੨ ਪੰ. ੮


ਨ੍ਰਿਪ ਬਾਹ ਗਹੀ ॥ ਤ੍ਰੀਅ ਮੋਨ ਰਹੀ ॥ ਰਸ ਰੀਤ ਰਚਯੋ ॥ ਦੁਹੂੰ ਮੈਨ ਮਚਯੋ ॥੨੯॥

Naripa Baaha Gahee ॥ Tareea Mona Rahee ॥ Rasa Reeta Rachayo ॥ Duhooan Maina Machayo ॥29॥

न्रिप बाह गही ॥ त्रीअ मोन रही ॥ रस रीत रचयो ॥ दुहूं मैन मचयो ॥२९॥

The king caught her arm and that woman kept silent; absorded and dyed with love, both became lustful.29.

168249 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੦੨ ਪੰ. ੯


ਬਹੁ ਭਾਂਤ ਭਜੀ ॥ ਨਿਸ ਲੌ ਤਜੀ ॥ ਦੋਊ ਰੀਝ ਰਹੇ ॥ ਨਹਿ ਜਾਤ ਕਹੇ ॥੩੦॥

Bahu Bhaata Bhajee ॥ Nisa Lou Tajee ॥ Doaoo Reejha Rahe ॥ Nahi Jaata Kahe ॥30॥

बहु भांत भजी ॥ निस लौ तजी ॥ दोऊ रीझ रहे ॥ नहि जात कहे ॥३०॥

The king enjoyed her in various ways till night both of them felt so much pleased with each other that is the not possible for me to narrate.30.

1682510 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੦੨ ਪੰ. ੧੦


ਰਸ ਰੀਤ ਰਚਯੋ ॥ ਕਲ ਕੇਲ ਮਚਯੋ ॥ ਅਮਿਤਾਸਨ ਦੇ ॥ ਸੁਖ ਰਾਸਨ ਸੇ ॥੩੧॥

Rasa Reeta Rachayo ॥ Kala Kela Machayo ॥ Amitaasna De ॥ Sukha Raasna Se ॥31॥

रस रीत रचयो ॥ कल केल मचयो ॥ अमितासन दे ॥ सुख रासन से ॥३१॥

Being absorbed and dyed with love, they kept engrossed in sexual enjoinment many types of postures.31.

1682611 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੦੨ ਪੰ. ੧੧


ਲਲਤਾਸਨ ਲੈ ॥ ਬਿਬਧਾਸਨ ਕੈ ॥ ਲਲਨਾਰੁ ਲਲਾ ॥ ਕਰਿ ਕਾਮ ਕਲਾ ॥੩੨॥

Lalataasna Lai ॥ Bibadhaasna Kai ॥ Lalanaaru Lalaa ॥ Kari Kaam Kalaa ॥32॥

ललतासन लै ॥ बिबधासन कै ॥ ललनारु लला ॥ करि काम कला ॥३२॥

They enjoyment the relish of various types of postures and in the way, both of them established their sexual sport.32.

1682712 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੦੨ ਪੰ. ੧੨


ਕਰਿ ਕੇਲ ਉਠੀ ॥ ਮਧ ਪਰਨ ਕੁਟੀ ॥ ਨ੍ਰਿਪ ਜਾਤ ਭਯੋ ॥ ਤਿਹ ਗਰਭ ਰਹਿਯੋ ॥੩੩॥

Kari Kela Autthee ॥ Madha Parana Kuttee ॥ Naripa Jaata Bhayo ॥ Tiha Garabha Rahiyo ॥33॥

करि केल उठी ॥ मध परन कुटी ॥ न्रिप जात भयो ॥ तिह गरभ रहियो ॥३३॥

After that woman having enjoyed the sexual sport, came out of that cottage; the king went away and Shakuntala became pregnant.33.

1682813 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੦੨ ਪੰ. ੧੩


ਦਿਨ ਕੈਕ ਗਏ ॥ ਦਿਨ ਭੂਰ ਜਏ ॥ ਤਨ ਕਉਚ ਧਰੇ ॥ ਸਸਿ ਸੋਭ ਹਰੇ ॥੩੪॥

Dina Kaika Gaee ॥ Dina Bhoora Jaee ॥ Tana Kaucha Dhare ॥ Sasi Sobha Hare ॥34॥

दिन कैक गए ॥ दिन भूर जए ॥ तन कउच धरे ॥ ससि सोभ हरे ॥३४॥

Many days passed, when she gave birth to a child, who was wearing armour on his body and was also the abductor of moon’s beauty.34.

1682914 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੦੨ ਪੰ. ੧੪


       


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