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Sri Dasam Granth Sahib

       


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ਥਰਹਰਤ ਭਾਨ ॥ ਕੰਪਤ ਦਿਸਾਨ ॥ ਮੰਡਤ ਮਵਾਸ ॥ ਭੱਜਤ ਉਦਾਸ ॥੯੯॥

Tharaharata Bhaana ॥ Kaanpata Disaana ॥ Maandata Mavaas ॥ Bhajjata Audaas ॥99॥

थरहरत भान ॥ क्मपत दिसान ॥ मंडत मवास ॥ भजत उदास ॥९९॥

The sun trembled before him, the directions shivered, the opponents stood with bowed heads and would run away in anxiety.99.

169281 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੦ ਪੰ. ੧


ਥਰਹਰਤ ਬੀਰ ॥ ਭੰਭਰਤ ਭੀਰ ॥ ਤੰਤਜਤ ਦੇਸ ॥ ਨ੍ਰਿਪ ਮਨ ਨਰੇਸ਼ ॥੧੦੦॥

Tharaharata Beera ॥ Bhaanbharata Bheera ॥ Taantajata Desa ॥ Naripa Mana Naresha ॥100॥

थरहरत बीर ॥ भ्मभरत भीर ॥ तंतजत देस ॥ न्रिप मन नरेश ॥१००॥

The warriors trembled, the cowards fled and the kings of various countries would break before him like thread.100.

169292 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੦ ਪੰ. ੨


ਚੰਚਕਿਤ ਚੰਦ ॥ ਧੰਧਕਿਤ ਇੰਦ ॥ ਫਲ ਗਨ ਫਟੰਤ ॥ ਭੂਅ ਧਰ ਭਜੰਤ ॥੧੦੧॥

Chaanchakita Chaanda ॥ Dhaandhakita Eianda ॥ Phala Gana Phattaanta ॥ Bhooa Dhara Bhajaanta ॥101॥

चंचकित चंद ॥ धंधकित इंद ॥ फल गन फटंत ॥ भूअ धर भजंत ॥१०१॥

The moon stood wonder-stuck in his presence; the heart of Indra throbbed violently; the ganas were destroyed and the mountains also fled away.101.

169303 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੦ ਪੰ. ੩


ਸੁੰਜਤਾ ਛੰਦ ॥

Suanjataa Chhand ॥

सुंजता छंद ॥

SANYUKTA STANZA

169314 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੦ ਪੰ. ੪


ਜਸੁ ਠੌਰ ਠੌਰ ਸਭੋ ਸੁਨਯੋ ॥ ਅਰ ਬਿੰਦ੍ਰ ਸੀਸ ਸਭੋ ਧੁਨਯੋ ॥ ਜਗ ਜਗ ਸਾਜ ਭਲੇ ਕਰੇ ॥ ਦੁਖ ਪੁੰਜ ਦੀਨਨ ਕੇ ਹਰੇ ॥੧੦੨॥

Jasu Tthoura Tthoura Sabho Sunayo ॥ Ara Biandara Seesa Sabho Dhunayo ॥ Jaga Jaga Saaja Bhale Kare ॥ Dukha Puanja Deenana Ke Hare ॥102॥

जसु ठौर ठौर सभो सुनयो ॥ अर बिंद्र सीस सभो धुनयो ॥ जग जग साज भले करे ॥ दुख पुंज दीनन के हरे ॥१०२॥

Everyone heard his praise at many places and the enemies, listening to his praises would become fearful and suffer mental agony; he removed the afficions of the poor by performing the Yajnas in a nice manner.102.

169325 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੦ ਪੰ. ੫


ਇਤਿ ਜੁਜਾਤ ਰਾਜਾ ਕਾਲ ਬਸ ਹੋਤ ਭਏ ॥

Eiti Jujaata Raajaa Kaal Basa Hota Bhaee ॥

इति जुजात राजा काल बस होत भए ॥

End of the description about king Yayati and his death.

169336 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੦ ਪੰ. ੬


ਭਾਗ

Bhaag

भाग

SECTION

169347 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੦ ਪੰ. ੭


ਅਥ ਬੇਨ ਰਾਜੇ ਕੋ ਰਾਜ ਕਥਨੰ ॥

Ath Bena Raaje Ko Raaja Kathnaan ॥

अथ बेन राजे को राज कथनं ॥

Now begins the description about the rule of king Ben

169358 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੦ ਪੰ. ੮


ਸੁੰਜਤਾ ਛੰਦ ॥

Suanjataa Chhand ॥

सुंजता छंद ॥

SANYUKTA STANZA

169369 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੦ ਪੰ. ੯


ਪੁਨਿ ਬੇਨ ਰਾਜ ਮਹੇਸ ਭਯੋ ॥ਨਿਜ ਦੰਡ ਕਾਹੂ ਤੇ ਨ ਲਯੋ ॥ ਜੀਅ ਭਾਂਤ ਭਾਂਤ ਸੁਖੀ ਨਰਾ ॥ ਅਤਿ ਗਰਬ ਸਭ ਛੁਟ ਉਰਧਰਾ ॥੧੦੩॥

Puni Bena Raaja Mahesa Bhayo ॥nija Daanda Kaahoo Te Na Layo ॥ Jeea Bhaata Bhaata Sukhee Naraa ॥ At(i) Garaba Sabha Chhutta Auradharaa ॥103॥

पुनि बेन राज महेस भयो ॥निज दंड काहू ते न लयो ॥ जीअ भांत भांत सुखी नरा ॥ अति गरब सभ छुट उरधरा ॥१०३॥

Then Ben became the king of the earth; he never charged tax from anyone; the beings were happy in various ways and none had any pride in him.103.

1693710 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੦ ਪੰ. ੧੦


ਜੀਅ ਭਾਂਤਿ ਭਾਂਤਿ ਬਸੇ ਸੁਖੀ ॥ ਤਰ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟ ਆਵਤ ਨਾ ਦੁਖੀ ॥ ਸਭ ਠੌਰ ਠੌਰ ਪ੍ਰਿਥੀ ਬਸੀ ॥ ਜਨੁ ਭੂਮ ਰਾਜ ਸਿਰੀ ਲਸੀ ॥੧੦੪॥

Jeea Bhaat(i) Bhaat(i) Base Sukhee ॥ Tara Darishatta aavta Naa Dukhee ॥ Sabha Tthoura Tthoura Parithee Basee ॥ Janu Bhooma Raaja Siree Lasee ॥104॥

जीअ भांति भांति बसे सुखी ॥ तर द्रिशट आवत ना दुखी ॥ सभ ठौर ठौर प्रिथी बसी ॥ जनु भूम राज सिरी लसी ॥१०४॥

The beings were happy in various ways and even the trees did not seem to have any suffering; there was praise of the king everywhere on the earth.104.

1693811 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੦ ਪੰ. ੧੧


ਇਹ ਭਾਂਤ ਰਾਜ ਕਮਾਇ ਕੈ ॥ ਸੁਖ ਦੇਸ ਸਰਬ ਬਸਾਇ ਕੈ ॥ ਬਹੁ ਦੋਖ ਦੀਨਨ ਕੇ ਦਹੇ ॥ ਸੁਨ ਸ਼ਕਤ ਦੇਵ ਸਮਸਤ ਭਏ ॥੧੦੫॥

Eiha Bhaata Raaja Kamaaei Kai ॥ Sukha Desa Sarab Basaaei Kai ॥ Bahu Dokha Deenana Ke Dahe ॥ Suna Shakata Deva Samasat Bhaee ॥105॥

इह भांत राज कमाइ कै ॥ सुख देस सरब बसाइ कै ॥ बहु दोख दीनन के दहे ॥ सुन शकत देव समसत भए ॥१०५॥

In this way, keeping all his country happy, the king removed many afflictions of the lowly and seeing his splendour, all the gods also appreciated him.105.

1693912 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੦ ਪੰ. ੧੨


ਬਹੁ ਰਾਜ ਸਾਜ ਕਮਾਇ ਕੈ ॥ ਸਿਰ ਅਤ੍ਰ ਪਤ੍ਰ ਫਿਰਾਇ ਕੈ ॥ ਪੁਨ ਜੋਤ ਜੋਤ ਬਿਖੈ ਮਿਲੀ ॥ ਅਰ ਛੇਨ ਬੇਨ ਮਹਾਬਲੀ ॥੧੦੬॥

Bahu Raaja Saaja Kamaaei Kai ॥ Sira Atara Patara Phiraaei Kai ॥ Puna Jota Jota Bikhai Milee ॥ Ara Chhena Bena Mahaabalee ॥106॥

बहु राज साज कमाइ कै ॥ सिर अत्र पत्र फिराइ कै ॥ पुन जोत जोत बिखै मिली ॥ अर छेन बेन महाबली ॥१०६॥

Ruling for a very long time and getting the canopy swung over his head, the light of the soul of that mighty king Ben merged in the Supreme Light of the Lord.106.

1694013 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੦ ਪੰ. ੧੩


ਅਬਿਕਾਰ ਭੂਪ ਜਿਤੇ ਭਏ ॥ ਕਰ ਰਾਜ ਅੰਤ ਸਮੈ ਗਏ ॥ ਕਬਿ ਕੌਨ ਨਾਮ ਤਿਨੈ ਗਨੈ ॥ ਸੰਕੇਤ ਕਾਹਿ ਇਤੇ ਭਨੈ ॥੧੦੭॥

Abikaar Bhoop Jite Bhaee ॥ Kara Raaja Aanta Samai Gaee ॥ Kabi Kouna Naam Tinai Ganai ॥ Saanketa Kaahi Eite Bhanai ॥107॥

अबिकार भूप जिते भए ॥ कर राज अंत समै गए ॥ कबि कौन नाम तिनै गनै ॥ संकेत काहि इते भनै ॥१०७॥

All the immaculate kings ultimately merged in the Lord after their rule, which poet can enumerate their names? Therefore, I have only hinted about them.107.

1694114 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੦ ਪੰ. ੧੪


       


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