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Sri Dasam Granth Sahib

       


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ਇਤਿ ਬੇਨ ਰਾਜਾ ਮ੍ਰਿਤ ਬਸ ਹੋਤ ਭਏ ॥

Eiti Bena Raajaa Marita Basa Hota Bhaee ॥

इति बेन राजा म्रित बस होत भए ॥

End of the description about the king Ben and his death.

169421 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੧ ਪੰ. ੧


ਭਾਗ

Bhaag

भाग

SECTION

169432 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੧ ਪੰ. ੨


ਅਥ ਮਾਨਧਾਤਾ ਕੋ ਰਾਜੁ ਕਥਨੰ ॥

Ath Maanadhaataa Ko Raaju Kathnaan ॥

अथ मानधाता को राजु कथनं ॥

Now beings the description about the rule of Mandhata

169443 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੧ ਪੰ. ੩


ਦੋਧਕ ਛੰਦ ॥

Dodhaka Chhand ॥

दोधक छंद ॥

DODHAK STANZA

169454 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੧ ਪੰ. ੪


ਜੇਤਕ ਭੂਪ ਭਏ ਅਵਨੀ ਪਰ ॥ ਨਾਮ ਸਕੈ ਤਿਨ ਕੇ ਕਵਿ ਕੋ ਧਰਿ ॥ ਨਾਮ ਜਥਾਮਤਿ ਭਾਖ ਸੁਨਾਊ ॥ ਚਿੱਤ ਤਊ ਅਪਨੇ ਡਰ ਪਾਊ ॥੧੦੮॥

Jetaka Bhoop Bhaee Avanee Para ॥ Naam Sakai Tina Ke Kavi Ko Dhari ॥ Naam Jathamat(i) Bhaakha Sunaaoo ॥ Chitta Taoo Apane Dara Paaoo ॥108॥

जेतक भूप भए अवनी पर ॥ नाम सकै तिन के कवि को धरि ॥ नाम जथामति भाख सुनाऊ ॥ चित तऊ अपने डर पाऊ ॥१०८॥

All the kings who have ruled over the earth, which poet can describe their names? I fear the increase of this volume by narrating their names.108.

169465 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੧ ਪੰ. ੫


ਬੇਨ ਗਏ ਜਗ ਤੇ ਨ੍ਰਿਪਤਾ ਕਰਿ ॥ ਮਾਨਯਧਾਤ ਭਏ ਬਸੁਧਾ ਧਰਿ ॥ ਬਾਸਵ ਲੋਗ ਗਏ ਜਬ ਹੀ ਵਰ ॥ ਉਠ ਦਯੋ ਅਰਧਾਸਨ ਬਾਸਵ ਤਿਹ ॥੧੦੯॥

Bena Gaee Jaga Te Naripataa Kari ॥ Maanayadhaata Bhaee Basudhaa Dhari ॥ Baasva Loga Gaee Jaba Hee Vara ॥ Auttha Dayo Aradhaasna Baasva Tiha ॥109॥

बेन गए जग ते न्रिपता करि ॥ मानयधात भए बसुधा धरि ॥ बासव लोग गए जब ही वर ॥ उठ दयो अरधासन बासव तिह ॥१०९॥

After the rule of Ben, Mandhata became the king; when he went to the country of Indra, Indra gave him half his seat.109.

169476 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੧ ਪੰ. ੬


ਰੋਸ ਭਰਯੋ ਤਬ ਮਾਨ ਮਹੀਧਰ ॥ ਹਾਂਕ ਗਹਯੋ ਕਰਿ ਖੱਗ ਭਯੰਕਰ ॥ ਮਾਰਨ ਲਾਗ ਜਬੈ ਰਿਸ ਇੰਦ੍ਰਹਿ ॥ ਬਾਹ ਗਹੀ ਤਤਕਾਲ ਦਿਜਿੰਦ੍ਰਹਿ ॥੧੧੦॥

Rosa Bharayo Taba Maana Maheedhara ॥ Haaka Gahayo Kari Khagga Bhayaankara ॥ Maarna Laag Jabai Risa Eiandarahi ॥ Baaha Gahee Tatakaal Dijiandarahi ॥110॥

रोस भरयो तब मान महीधर ॥ हांक गहयो करि खग भयंकर ॥ मारन लाग जबै रिस इंद्रहि ॥ बाह गही ततकाल दिजिंद्रहि ॥११०॥

The king Mandhata was filled with rage and challenging him, held his dagger in his hand; when, in his fury, he was about to strike Indra, then Brihaspati immediately caught his hand.110.

169487 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੧ ਪੰ. ੭


ਨਾਸ ਕਰੋ ਜਿਨ ਬਾਸਵ ਕੋ ਨ੍ਰਿਪ ॥ ਆਸਨ ਅਰਧ ਦਯੋ ਤੁਹ ਯਾ ਬ੍ਰਤ ॥ ਹੈ ਲਵਨਾਸ੍ਰ ਮਹਾਸੁਰ ਭੂਯ ਪਰਿ ॥ ਤਾਹਿ ਨ ਮਾਰ ਸਕੈ ਤੁਮ ਕਿਉ ਕਰ ॥੧੧੧॥

Naas Karo Jina Baasva Ko Naripa ॥ Aasna Aradha Dayo Tuha Yaa Barata ॥ Hai Lavanaasra Mahaasura Bhooya Pari ॥ Taahi Na Maar Sakai Tuma Kiau Kara ॥111॥

नास करो जिन बासव को न्रिप ॥ आसन अरध दयो तुह या ब्रत ॥ है लवनास्र महासुर भूय परि ॥ ताहि न मार सकै तुम किउ कर ॥१११॥

He said, “O king ! do not strike Indra; there is reason on his part for offering you half of his seat; there is one demon named Lavanasura on earth; why have you not been able to kill him as yet?111.

169498 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੧ ਪੰ. ੮


ਜੌ ਤੁਮ ਤਾਹਿ ਸੰਘਾਰ ਕੈ ਆਵਹੁ ॥ ਤੌ ਤੁਮ ਇੰਦ੍ਰ ਸਿੰਘਾਸਨ ਪਾਵਹੁ ॥ ਐਸੇ ਕੈ ਅਰਧ ਸਿੰਘਾਸਨ ਬੈਠਹੁ ॥ ਸਾਚੁ ਕਹੋ ਪਰ ਨਾਕ ਨ ਐਠਹੁ ॥੧੧੨॥

Jou Tuma Taahi Saanghaar Kai aavhu ॥ Tou Tuma Eiandara Sianghaasna Paavhu ॥ Aaise Kai Aradha Sianghaasna Baitthahu ॥ Saachu Kaho Para Naaka Na Aaitthahu ॥112॥

जौ तुम ताहि संघार कै आवहु ॥ तौ तुम इंद्र सिंघासन पावहु ॥ ऐसे कै अरध सिंघासन बैठहु ॥ साचु कहो पर नाक न ऐठहु ॥११२॥

“When you will come after killing him, you will then have the full seat of Indra, therefore now be seated on half the seat and accepting this truth, do not exhibit your anger.”112.

169509 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੧ ਪੰ. ੯


ਅਸਤਰ ਛੰਦ ॥

Asatra Chhand ॥

असतर छंद ॥

ASTAR STANZA

1695110 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੧ ਪੰ. ੧੦


ਧਾਯੋ ਅਸਤ੍ਰ ਲੈ ਕੈ ਤਹਾ ॥ ਮਥਰਾ ਮੰਡਲ ਦਾਨੋ ਥਾ ਜਹਾ ॥ ਮਹਾ ਗਰਬੁ ਕੈ ਕੈ ਮਹਾਮੰਦ ਬੁੱਧੀ ॥ ਮਹਾ ਜੋਰ ਕੈ ਕੈ ਦਲੰ ਪਰਮ ਕ੍ਰੁੱਧੀ ॥੧੧੩॥

Dhaayo Asatra Lai Kai Tahaa ॥ Mathraa Maandala Daano Thaa Jahaa ॥ Mahaa Garabu Kai Kai Mahaamanda Bu`dhee ॥ Mahaa Jora Kai Kai Dalaan Param Karu`dhee ॥113॥

धायो असत्र लै कै तहा ॥ मथरा मंडल दानो था जहा ॥ महा गरबु कै कै महामंद बुधी ॥ महा जोर कै कै दलं परम क्रुधी ॥११३॥

The king, taking up his weapons, reached there, where the demon lived in Mathura-Mandal; he was a great stupid and an egoist; he was a most powerful one and dreadfully outrageous.113.

1695211 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੧ ਪੰ. ੧੧


ਮਹਾ ਘੋਰ ਕੈ ਕੈ ਘਨੰ ਕੀ ਘਟਾ ਜਯੋ ॥ ਸੁ ਧਾਇਆ ਰਣੰ ਬਿੱਜੁਲੀ ਕੀ ਛਟਾ ਜਯੋ ॥ ਸੁਨੇ ਸਰਬ ਦਾਨੋ ਸੁ ਸਾਮੁਹਿ ਸਿਧਾਏ ॥ ਮਹਾ ਕ੍ਰੋਧ ਕੈ ਕੈ ਸੁ ਬਾਜੀ ਨਚਾਏ ॥੧੧੪॥

Mahaa Ghora Kai Kai Ghanaan Kee Ghattaa Jayo ॥ Su Dhaaeiaa Ranaan Bijjulee Kee Chhattaa Jayo ॥ Sune Sarab Daano Su Saamuhi Sidhaaee ॥ Mahaa Karodha Kai Kai Su Baajee Nachaaee ॥114॥

महा घोर कै कै घनं की घटा जयो ॥ सु धाइआ रणं बिजुली की छटा जयो ॥ सुने सरब दानो सु सामुहि सिधाए ॥ महा क्रोध कै कै सु बाजी नचाए ॥११४॥

Thundering like the clouds Mandhata fell upon (the demon) in the battlefield like lightning; when the demons heard this, they also confronted him and furioudly caused their horses to dance.114.

1695312 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੧ ਪੰ. ੧੨


ਮੇਦਕ ਛੰਦ ॥

Medaka Chhand ॥

मेदक छंद ॥

MEDAK STANZA

1695413 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੧ ਪੰ. ੧੩


ਅਬ ਏਕ ਕੀਏ ਬਿਨੁ ਯੌ ਨ ਟਰੈ ॥ ਦੋਊ ਦਾਂਤਨ ਪੀਸ ਹੰਕਾਰ ਪਰੈ ॥ ਜਬ ਲੌ ਨ ਸੁਨੋ ਲਵ ਖੇਤ ਮਰਾ ॥ ਤਬ ਲਉ ਨ ਲਖੇ ਰਨ ਬਾਨ ਟਰਾ ॥੧੧੫॥

Aba Eeka Keeee Binu You Na Ttarai ॥ Doaoo Daatana Peesa Haankaar Parai ॥ Jaba Lou Na Suno Lava Kheta Maraa ॥ Taba Lau Na Lakhe Rana Baana Ttaraa ॥115॥

अब एक कीए बिनु यौ न टरै ॥ दोऊ दांतन पीस हंकार परै ॥ जब लौ न सुनो लव खेत मरा ॥ तब लउ न लखे रन बान टरा ॥११५॥

The king was determined to kill him and body of the enemies, grinding their teeth and challenging each other began to fight violently; the king did not stop the showering of arrows, as he waited to get the news of the death of Lavansaura.115.

1695514 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੧੧ ਪੰ. ੧੪


       


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