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Sri Dasam Granth Sahib

       


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ਤਿਮ ਜਨਮੁ ਧਰੁ ਤੈ ਜਾਇ ॥ ਚਿਤ ਦੇ ਸੁਨੋ ਮੁਨਰਾਇ ॥ ਨਹੀ ਐਸ ਹੋਇ ਉਧਾਰ ॥ ਸੁਨ ਲੇਹੁ ਰੁਦ੍ਰ ਬਿਚਾਰ ॥੫॥

Tima Janamu Dharu Tai Jaaei ॥ Chita De Suno Munaraaei ॥ Nahee Aaisa Hoei Audhaar ॥ Suna Lehu Rudara Bichaar ॥5॥

तिम जनमु धरु तै जाइ ॥ चित दे सुनो मुनराइ ॥ नही ऐस होइ उधार ॥ सुन लेहु रुद्र बिचार ॥५॥

“O the king of sages ! listen to what I say and in the same way, you may go and take birth on the earth; otherwise, O Rudra ! You will not be redeemed in any other way.”5.

171941 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੨੯ ਪੰ. ੧


ਸੁਨ ਸ੍ਰਵਨ ਏ ਸ਼ਿਵ ਬੈਨ ॥ ਹਠ ਛਾਡਿ ਸੁੰਦਰ ਨੈਨ ॥ ਤਿਹ ਜਾਨ ਗਰਬ ਪ੍ਰਹਾਰ ॥ ਛਿਤ ਲੀਨ ਆਨ ਵਤਾਰ ॥੬॥

Suna Saravana Ee Shiva Baina ॥ Hattha Chhaadi Suandara Naina ॥ Tiha Jaana Garaba Parahaar ॥ Chhita Leena Aana Vataar ॥6॥

सुन स्रवन ए शिव बैन ॥ हठ छाडि सुंदर नैन ॥ तिह जान गरब प्रहार ॥ छित लीन आन वतार ॥६॥

Hearing this, Shiva, considering the Lord as the destroyer of ego, and leaving his persistence, incarnated on earth.6.

171952 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੨੯ ਪੰ. ੨


ਪਾਧਰੀ ਛੰਦ ॥

Paadharee Chhand ॥

पाधरी छंद ॥

PAADHARI STANZA

171963 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੨੯ ਪੰ. ੩


ਜਿਮ ਕਥੇ ਸਰਬ ਰਾਜਾਨ ਰਾਜ ॥ ਤਿਮ ਕਹੇ ਰਿਖਨ ਸਭ ਹੀ ਸਮਾਜ ॥ ਜਿਹ ਜਿਹ ਪ੍ਰਕਾਰ ਤਿਹ ਕਰਮ ਕੀਨ ॥ ਜਿਹ ਭਾਂਤਿ ਜੇਮ ਦਿਜ ਬਰਨ ਲੀਨ ॥੭॥

Jima Kathe Sarab Raajaana Raaja ॥ Tima Kahe Rikhana Sabha Hee Samaaja ॥ Jiha Jiha Parakaar Tiha Karam Keena ॥ Jiha Bhaat(i) Jema Dija Barana Leena ॥7॥

जिम कथे सरब राजान राज ॥ तिम कहे रिखन सभ ही समाज ॥ जिह जिह प्रकार तिह करम कीन ॥ जिह भांति जेम दिज बरन लीन ॥७॥

The way, in which all the kings have been described, in the same way, the actions done by all the sages have been narrated as to how Rudra manifested himself in the castes of dvijas (twice born).7.

171974 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੨੯ ਪੰ. ੪


ਜੇ ਜੇ ਚਰਿਤ੍ਰ ਕਿੱਨੇ ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ॥ ਤੇਤੇ ਚਰਿਤ੍ਰ ਭਾਖੋ ਸੁਬਾਸ ॥ ਰਿਖ ਪੁਤ੍ਰ ਏਸ ਭਏ ਰੁਦ੍ਰ ਦੇਵ ॥ ਮੋਨੀ ਮਹਾਨ ਮਾਨੀ ਅਭੇਵ ॥੮॥

Je Je Charitara Ki`ne Parakaasha ॥ Tete Charitara Bhaakho Subaas ॥ Rikha Putara Eesa Bhaee Rudara Deva ॥ Monee Mahaana Maanee Abheva ॥8॥

जे जे चरित्र किने प्रकाश ॥ तेते चरित्र भाखो सुबास ॥ रिख पुत्र एस भए रुद्र देव ॥ मोनी महान मानी अभेव ॥८॥

Whatever deeds they brought to light, I relate them here; in this way, rudra became the sons of the sages, who adopted silence and attained recognition.8.

171985 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੨੯ ਪੰ. ੫


ਪੁਨ ਭਏ ਅਤ੍ਰ ਰਿਖ ਮੁਨਿ ਮਹਾਨ ॥ ਦਸ ਚਾਰ ਚਾਰ ਬਿੱਦਿਆ ਨਿਧਾਨ ॥ਲਿੱਨੋ ਸੁ ਜੋਗ ਤਜਿ ਰਾਜਿ ਆਨ ॥ ਸੇਵਿਆ ਰੁਦ੍ਰ ਸੰਪਤ ਨਿਧਾਨ ॥੯॥

Puna Bhaee Atara Rikha Muni Mahaana ॥ Dasa Chaar Chaar Bi`diaa Nidhaana ॥li`no Su Joga Taji Raaji Aana ॥ Seviaa Rudara Saanpata Nidhaana ॥9॥

पुन भए अत्र रिख मुनि महान ॥ दस चार चार बिदिआ निधान ॥लिनो सु जोग तजि राजि आन ॥ सेविआ रुद्र स्मपत निधान ॥९॥

Then he incarnated himself as sage Atrl, who the store of eighteen sciences; he abandoned everything else and adopted Yoga as his way of life and served Rudra, the store of all wealth.9.

171996 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੨੯ ਪੰ. ੬


ਕਿੱਨੋ ਸੁ ਜੋਗ ਬਹੁ ਦਿਨ ਪ੍ਰਮਾਨ ॥ ਰੀਝਿਓ ਰੁਦ੍ਰ ਤਾ ਪਰ ਨਿਦਾਨ ॥ ਬਰੁ ਮਾਂਗ ਪੁਤ੍ਰ ਜੋ ਰੁਚੈ ਤੋਹਿ ॥ ਬਰੁ ਦਾਨ ਤਉਨ ਮੈ ਦੇਉ ਤੋਹਿ ॥੧੦॥

Ki`no Su Joga Bahu Dina Paramana ॥ Reejhiaoa Rudara Taa Para Nidaana ॥ Baru Maag Putara Jo Ruchai Tohi ॥ Baru Daana Tauna Mai Deau Tohi ॥10॥

किनो सु जोग बहु दिन प्रमान ॥ रीझिओ रुद्र ता पर निदान ॥ बरु मांग पुत्र जो रुचै तोहि ॥ बरु दान तउन मै देउ तोहि ॥१०॥

He performed austerities for a long time, on which, Rudra got pleased and said, “You may ask for any boon which you like, I shall grant it to you.”10.

172007 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੨੯ ਪੰ. ੭


ਕਰਿ ਜੋਰਿ ਅਤ੍ਰ ਭਯੋ ਠਾਢ ॥ ਉਠ ਭਾਗ ਆਨ ਅਨੁਰਾਗ ਬਾਢ ॥ ਗਦ ਗਦ ਸੁ ਭੈਣ ਭਭਕੰਤ ਨੈਣ ॥ ਰੋਮਾਨ ਹਰਖ ਉਚਰੇ ਸੁ ਬੈਣ ॥੧੧॥

Kari Jori Atara Bhayo Tthaadha ॥ Auttha Bhaag Aana Anuraag Baadha ॥ Gada Gada Su Bhaina Bhabhakaanta Naina ॥ Romaana Harakha Auchare Su Baina ॥11॥

करि जोरि अत्र भयो ठाढ ॥ उठ भाग आन अनुराग बाढ ॥ गद गद सु भैण भभकंत नैण ॥ रोमान हरख उचरे सु बैण ॥११॥

Then the sage Atri stood up with folded hands and his love for Rudra was further increased in his mind; he became very happy; the tears flowed form his eyes and his hair showed signs of jubilation, when he said;11.

172018 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੨੯ ਪੰ. ੮


ਜੋ ਦੇਤ ਰੁਦ੍ਰ ਬਰੁ ਰੀਝ ਮੋਹਿ ॥ ਗ੍ਰਹਿ ਹੋਇ ਪੁਤ੍ਰ ਸਮ ਤੁਲਿ ਤੋਹਿ ॥ ਕਹਿ ਕੈ ਤਥਾਸੁ ਭਏ ਅੰਤ੍ਰ ਧਿਆਨ ॥ ਗ੍ਰਹਿ ਗਯੋ ਅਤ੍ਰ ਮੁਨ ਮਹਾਨ ॥੧੨॥

Jo Deta Rudara Baru Reejha Mohi ॥ Garahi Hoei Putara Sama Tuli Tohi ॥ Kahi Kai Tathasu Bhaee Aantara Dhiaana ॥ Garahi Gayo Atara Muna Mahaana ॥12॥

जो देत रुद्र बरु रीझ मोहि ॥ ग्रहि होइ पुत्र सम तुलि तोहि ॥ कहि कै तथासु भए अंत्र धिआन ॥ ग्रहि गयो अत्र मुन महान ॥१२॥

“O Rudra ! if you want to grant me a boon, then give me a son like you;” Rudra saying “let it be”, disappeared and the sage came back to his home.12.

172029 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੨੯ ਪੰ. ੯


ਗ੍ਰਹਿ ਬਰੀ ਆਨ ਅਨਸੂਆ ਨਾਰ ॥ ਜਨ ਪਠਿਓ ਤੱਤੁ ਨਿਜ ਸ਼ਿਵ ਨਿਕਾਰਿ ॥ਬ੍ਰਹਮਾਹੁ ਬਿਸ਼ਨ ਨਿਜ ਤੇਜ ਕਾਢ ॥ ਆਏ ਸੁ ਮੱਧਿ ਅਨਿਸੂਆ ਛਾਡਿ ॥੧੩॥

Garahi Baree Aana Anasooaa Naar ॥ Jana Patthiaoa Tattu Nija Shiva Nikaari ॥barahamaahu Bishana Nija Teja Kaadha ॥ Aaee Su Ma`dhi Anisooaa Chhaadi ॥13॥

ग्रहि बरी आन अनसूआ नार ॥ जन पठिओ ततु निज शिव निकारि ॥ब्रहमाहु बिशन निज तेज काढ ॥ आए सु मधि अनिसूआ छाडि ॥१३॥

On returning, he married Ansuya, who had been blessed by Shiva, Brahma and Vishnu by their Lustre.13.

1720310 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੨੯ ਪੰ. ੧੦


ਭਈ ਕਰਤ ਜੋਗ ਬਹੁ ਦਿਨ ਪ੍ਰਮਾਨ ॥ ਅਨਸੂਆ ਨਾਮ ਗੁਨ ਗਨ ਮਹਾਨ ॥ ਅਤਿ ਤੇਜਵੰਤ ਸੋਭਾ ਸੁਰੰਗ ॥ ਜਨ ਧਰਾ ਰੂਪ ਦੂਸਰ ਅਨੰਗ ॥੧੪॥

Bhaeala Karata Joga Bahu Dina Paramana ॥ Anasooaa Naam Guna Gana Mahaana ॥ At(i) Tejavaanta Sobhaa Surang ॥ Jana Dharaa Roop Doosara Anang ॥14॥

भई करत जोग बहु दिन प्रमान ॥ अनसूआ नाम गुन गन महान ॥ अति तेजवंत सोभा सुरंग ॥ जन धरा रूप दूसर अनंग ॥१४॥

Ansuya also, in consonance with her name, inspection being a charming lady, performed austerities; she was extremely lustrous and glorious and it appeared that she was the second manifestation of the goddess of love (Rati).14.

1720411 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੨੯ ਪੰ. ੧੧


ਸਭਾ ਅਪਾਰ ਸੁੰਦਰ ਜਨੰਤ ॥ ਸਊਹਾਗ ਭਾਗ ਬਹੁ ਬਿਧ ਲਸੰਤ ॥ ਜਿਹ ਨਿਰਖ ਰੂਪ ਸੋ ਰਹਿ ਲੁਭਾਇ ॥ ਆਭਾ ਅਪਾਰ ਬਰਨੀ ਨ ਜਾਇ ॥੧੫॥

Sabhaa Apaar Suandara Janaanta ॥ Saoohaag Bhaag Bahu Bidha Lasaanta ॥ Jiha Nirakha Roop So Rahi Lubhaaei ॥ Aabhaa Apaar Baranee Na Jaaei ॥15॥

सभा अपार सुंदर जनंत ॥ सऊहाग भाग बहु बिध लसंत ॥ जिह निरख रूप सो रहि लुभाइ ॥ आभा अपार बरनी न जाइ ॥१५॥

That pretty and married fortunate woman was glorious in various ways on seeing whom, the personification of beauty also got allured; her glory is indescribable.15.

1720512 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੨੯ ਪੰ. ੧੨


ਨਿਸ ਨਾਥ ਦੇਖ ਆਨਨ ਰਿਸਾਨ ॥ ਜਲਿ ਜਾਇ ਨੈਨ ਲਹਿ ਰੋਸ ਮਾਨ ॥ ਤਮ ਨਿਰਖ ਕੇਸ ਕੀਅ ਨੀਚ ਡੀਠ ॥ ਛਪਿ ਰਹਾ ਜਾਨ ਗਿਰ ਹੇਮ ਪੀਠ ॥੧੬॥

Nisa Naath Dekha Aanana Risaana ॥ Jali Jaaei Naina Lahi Rosa Maana ॥ Tama Nirakha Kesa Keea Neecha Deettha ॥ Chhapi Rahaa Jaana Gira Hema Peettha ॥16॥

निस नाथ देख आनन रिसान ॥ जलि जाइ नैन लहि रोस मान ॥ तम निरख केस कीअ नीच डीठ ॥ छपि रहा जान गिर हेम पीठ ॥१६॥

Seeing her face, the moon was filled with jealousy and wept in affection; seeing her hair, he bowed down her looks and even the Sumeru mountain, seeing her beauty, concealed himself.16.

1720613 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੨੯ ਪੰ. ੧੩


ਕੰਠਹਿ ਕਪੋਤਿ ਲਖਿ ਕੋਪ ਕੀਨ ॥ ਨਾਸਾ ਨਿਹਾਰ ਬਨਿ ਕੀਰ ਲੀਨ ॥ ਰੋਮਾਵਲ ਹੇਰ ਜਮਨਾ ਰਿਸਾਨ ॥ ਲੱਜਾ ਮਰੰਤ ਸਾਗਰ ਡੁਬਾਨ ॥੧੭॥

Kaantthahi Kapoti Lakhi Kop Keena ॥ Naasa Nihaar Bani Keera Leena ॥ Romaavl Hera Jamanaa Risaana ॥ Lajjaa Maraanta Saagra Dubaana ॥17॥

कंठहि कपोति लखि कोप कीन ॥ नासा निहार बनि कीर लीन ॥ रोमावल हेर जमना रिसान ॥ लजा मरंत सागर डुबान ॥१७॥

Seeing her neck, the female pigeon got enraged and the parrot seeing her nostril hid himself in the forest; seeing her hair, even Yamuna was filled with anger and seeing her serenity, the ocean felt shy.17.

1720714 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੨੯ ਪੰ. ੧੪


       


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