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Sri Dasam Granth Sahib

       


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ਭਾਗ

Bhaag

भाग

SECTION

175861 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੫੭ ਪੰ. ੧


ਅਥ ਚਤਰਦਸਮੋ ਗੁਰ ਨਾਮ ॥

Ath Chataradasamo Gura Naam ॥

अथ चतरदसमो गुर नाम ॥

Now begins the description of the Fourteenth Guru

175872 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੫੭ ਪੰ. ੨


ਰਸਾਵਲ ਛੰਦ ॥

Rasaavl Chhand ॥

रसावल छंद ॥

RASAAVAL STANZA

175883 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੫੭ ਪੰ. ੩


ਚਲਯੋ ਦੱਤ ਰਾਜੰ ॥ ਲਖੇ ਪਾਪ ਭਾਜੰ ॥ ਜਿਨੈ ਨੈਕ ਪੇਖਾ ॥ ਗੁਰੂ ਤੁਲਿ ਲੇਖਾ ॥੨੮੭॥

Chalayo Datta Raajaan ॥ Lakhe Paapa Bhaajaan ॥ Jinai Naika Pekhaa ॥ Guroo Tuli Lekhaa ॥287॥

चलयो दत राजं ॥ लखे पाप भाजं ॥ जिनै नैक पेखा ॥ गुरू तुलि लेखा ॥२८७॥

Dutt moved further, seeing whom the sins ran away; whosover saw him; he saw him as his Guru.287.

175894 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੫੭ ਪੰ. ੪


ਮਹਾ ਜੋਤ ਰਾਜੈ ॥ ਲਖੈ ਪਾਪ ਭਾਜੈ ॥ ਮਹਾ ਤੇਜ ਸੋਹੈ ॥ ਸਿਵਊ ਤੁੱਲਿ ਕੋ ਹੈ ॥੨੮੮॥

Mahaa Jota Raajai ॥ Lakhai Paapa Bhaajai ॥ Mahaa Teja Sohai ॥ Sivaoo Tu`li Ko Hai ॥288॥

महा जोत राजै ॥ लखै पाप भाजै ॥ महा तेज सोहै ॥ सिवऊ तुलि को है ॥२८८॥

Seeing that lustrous and glorious sage, the sins ran away and if there was anyone like the grat Shiva, it was only Dutt.288.

175905 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੫੭ ਪੰ. ੫


ਜਿਨੈ ਨੈਕ ਪੇਖਾ ॥ ਮਨੋ ਮੈਨ ਦੇਖਾ ॥ ਸਹੀ ਬ੍ਰਹਮ ਜਾਨਾ ॥ ਨ ਦ੍ਵੈ ਭਾਵ ਆਨਾ ॥੨੮੯॥

Jinai Naika Pekhaa ॥ Mano Maina Dekhaa ॥ Sahee Barahama Jaanaa ॥ Na Davai Bhaav Aanaa ॥289॥

जिनै नैक पेखा ॥ मनो मैन देखा ॥ सही ब्रहम जाना ॥ न द्वै भाव आना ॥२८९॥

Whosoever saw him, saw the god of love in him; he considered him like Brahman and destroyed his duality.289.

175916 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੫੭ ਪੰ. ੬


ਰਿਝੀ ਸਰਬ ਨਾਰੀ ॥ ਮਹਾ ਤੇਜ ਧਾਰੀ ॥ ਨ ਹਾਰੰ ਸੰਭਾਰੈ ॥ ਨ ਚੀਰਊ ਚਿਤਾਰੈ ॥੨੯੦॥

Rijhee Sarab Naaree ॥ Mahaa Teja Dhaaree ॥ Na Haaran Saanbhaari ॥ Na Cheeraoo Chitaari ॥290॥

रिझी सरब नारी ॥ महा तेज धारी ॥ न हारं स्मभारै ॥ न चीरऊ चितारै ॥२९०॥

All the women were allured by that great and illustrious Dutt and they were not anxious about garments and ornaments.290.

175927 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੫੭ ਪੰ. ੭


ਚਲੀ ਧਾਇ ਐਸੇ ॥ ਨਦੀ ਨਾਵ ਜੈਸੇ ॥ ਜੁਵਾ ਬ੍ਰਿਧ ਬਾਲੈ ॥ ਰਹੀ ਕੌਨ ਆਲੈ ॥੨੯੧॥

Chalee Dhaaei Aaise ॥ Nadee Naav Jaise ॥ Juvaa Baridha Baali ॥ Rahee Kouna Aali ॥291॥

चली धाइ ऐसे ॥ नदी नाव जैसे ॥ जुवा ब्रिध बालै ॥ रही कौन आलै ॥२९१॥

They were running like the boat moving forward in the stream; none of the young, old and minors remained behind.291.

175938 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੫੭ ਪੰ. ੮


ਲਹੀ ਏਕ ਨਾਰੀ ॥ ਸੁ ਧਰਮਾਂ ਧਿਕਾਰੀ ॥ ਕਿਧੋ ਪਾਰਬਤੀ ਛੈ ॥ ਮਨੋ ਬਾਸਵੀ ਹੈ ॥੨੯੨॥

Lahee Eeka Naaree ॥ Su Dharama Dhikaaree ॥ Kidho Paarbatee Chhai ॥ Mano Baasvee Hai ॥292॥

लही एक नारी ॥ सु धरमां धिकारी ॥ किधो पारबती छै ॥ मनो बासवी है ॥२९२॥

The sage, the authority on Dharma, saw a womean, who looked like Parvati or Indrani.292.

175949 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੫੭ ਪੰ. ੯


ਸ੍ਰੀ ਭਗਵਤੀ ਛੰਦ ॥

Sree Bhagavatee Chhand ॥

स्री भगवती छंद ॥

SHRI BHAGVATI STANZA

1759510 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੫੭ ਪੰ. ੧੦


ਕਿ ਰਾਜਾ ਸ੍ਰੀ ਛੈ ॥ ਕਿ ਬਿੱਦੁਲਤਾ ਛੈ ॥ ਕਿ ਹਈ ਮਾਦ੍ਰਜਾ ਹੈ ॥ ਕਿ ਪਰਮੰ ਪ੍ਰਭਾ ਹੈ ॥੨੯੩॥

Ki Raajaa Sree Chhai ॥ Ki Bi`dulataa Chhai ॥ Ki Haeala Maadarajaa Hai ॥ Ki Paraman Parabhaa Hai ॥293॥

कि राजा स्री छै ॥ कि बिदुलता छै ॥ कि हई माद्रजा है ॥ कि परमं प्रभा है ॥२९३॥

She was looking like the Lakshmi of the kings; she was glorious like the beautiful damsels of Madra Desha.293.

1759611 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੫੭ ਪੰ. ੧੧


ਕਿ ਰਾਮੰ ਤ੍ਰੀਆ ਹੈ ॥ ਕਿ ਰਾਜੰ ਪ੍ਰਭਾ ਹੈ ॥ ਕਿ ਰਾਜੇਸਿਰੀ ਛੈ ॥ ਕਿ ਰਾਮਾਨੁ ਜਾਛੈ ॥੨੯੪॥

Ki Raaman Tareeaa Hai ॥ Ki Raajaan Parabhaa Hai ॥ Ki Raajesiree Chhai ॥ Ki Raamanu Jaachhai ॥294॥

कि रामं त्रीआ है ॥ कि राजं प्रभा है ॥ कि राजेसिरी छै ॥ कि रामानु जाछै ॥२९४॥

She might be Sita, or the prowess of the kings, or the chief queen of some king or the moving figure behind Ram.294.

1759712 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੫੭ ਪੰ. ੧੨


ਕਿ ਕਾਲਿੰਦ੍ਰਕਾ ਛੈ ॥ ਕਿ ਕਾਮੰ ਪ੍ਰਭਾ ਛੈ ॥ ਕਿ ਦੇਵਾਨੁਜਾ ਹੈ ॥ ਕਿ ਦਈਤੇ ਸੁਰਾ ਹੈ ॥੨੯੫॥

Ki Kaaliandarakaa Chhai ॥ Ki Kaaman Parabhaa Chhai ॥ Ki Devaanujaa Hai ॥ Ki Daealate Suraa Hai ॥295॥

कि कालिंद्रका छै ॥ कि कामं प्रभा छै ॥ कि देवानुजा है ॥ कि दईते सुरा है ॥२९५॥

She might be Yamuna, united with the glory of the god of love; she was like the goddess of the goddesses and the heavenly damsel of the demons.295.

1759813 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੫੭ ਪੰ. ੧੩


ਕਿ ਸਾਵਿਤ੍ਰਕਾ ਛੈ ॥ ਕਿ ਗਾਇਤ੍ਰੀ ਆਛੈ ॥ ਕਿ ਦੇਵੇਸ੍ਵਰੀ ਹੈ ॥ ਕਿ ਰਾਜੇਸ੍ਵਰੀ ਹੈ ॥੨੯੬॥

Ki Saavitarakaa Chhai ॥ Ki Gaaeitaree Aachhai ॥ Ki Devesavaree Hai ॥ Ki Raajesavaree Hai ॥296॥

कि सावित्रका छै ॥ कि गाइत्री आछै ॥ कि देवेस्वरी है ॥ कि राजेस्वरी है ॥२९६॥

She was looking like Savitri, Gayatri, the supreme goddess amongst the goddesses and the chief queen amongst the queens.296.

1759914 ਦਸਮ ਗਰੰਥ ਸਾਹਿਬ : ਪੰਨਾ ੧੨੫੭ ਪੰ. ੧੪


       


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